Contact Us - 9792276999 | 9838932888
Timing : 12:00 Noon to 20:00 PM (Mon to Fri)
Email - ssgcpl@gmail.com
|
|

Post at: Apr 18 2022

राज्य ऊर्जा एवं जलवायु सूचकांक दौर-I

परिचय

  • ‘राज्य ऊर्जा एवं जलवायु सूचकांक’ पहला सूचकांक है, जिसके माध्यम  से राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा जलवायु और ऊर्जा क्षेत्र में किए गए प्रयासों को चिह्नित किया जा सकेगा। यह अलग-अलग राज्यों को ऊर्जा के विभिन्‍न मापदण्डों पर सेवा वितरण विश्लेषण में सहायता करेगा। साथ ही यह सूचकांक उन मापदण्डों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो जलवायु परिवर्तन और स्वच्‍छ ऊर्जा संक्रमण के लिए भारत के लक्ष्य हैं।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 11 अप्रैल, 2022 को नीति आयोग द्वारा राज्य ऊर्जा एवं जलवायु सूचकांक दौर-I  का उद्‍घाटन किया गया।
  • यह सूचकांक राज्यों के प्रदर्शन को 6 मापदण्डों में विभक्त करता है।

  • इन मापदण्डों को आगे 27 संकेतकों में विभाजित किया गया है।
  • समग्र राज्य ऊर्जा एवं जलवायु सूचकांक दौर-I  के आधार पर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को तीन समूहों में वर्गीकृत किया गया है-
  1. फ्रंट रनर 
  2. अचीवर्स
  3. एस्पिरेंट्‍स
  •  राज्यों को आकार एवं भौगोलिक अंतर के आधार पर बड़े राज्यों, छोटे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
  • गुजरात, केरल और पंजाब बड़े राज्यों में शीर्ष तीन प्रदर्शनकर्ता राज्य हैं।
  • जबकि, छोटे राज्यों की श्रेणी में क्रमश: गोवा, त्रिपुरा एवं मणिपुर शीर्ष प्रदर्शनकर्ता राज्य हैं।
  • केंद्रशासित प्रदेशों में चण्डीगढ़, दिल्‍ली, दमन और दीव/दादरा एवं नागर हवेली शीर्ष प्रदर्शनकर्ता हैं।
  • बड़ेे राज्यों में उत्तर प्रदेश 41.0 स्कोर के साथ 13वें स्थान्‍ा पर है।
  • बिहार इस रैंकिंग में 38.3 स्कोर के साथ 15वें स्थान पर है।

​​​​​​​बड़े राज्यों में शीर्ष 5 राज्यों की रैंकिंग

छोटे राज्यों में शीर्ष 5 राज्यों की रैंकिंग


केंद्रशासित प्रदेशों में शीर्ष 3 की रैंकिंग

संकलन-मनीष प्रियदर्शी


Comments
List view
Grid view

Current News List