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Post at: Apr 05 2022

भारत और ऑस्ट्रेलिया लिथियम और कोबाल्‍ट पहचान परियोजना

पृष्ठभूमि

  • जून, 2020 में रणनीतिक खनिजों (Strategic Minerals) के खनन और प्रसंस्करण में सहयोग के लिए भारत और ऑस्ट्रेलिया सरकारों द्वारा सरकार-से-सरकार (Government to Government:G2G) समझौता- ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया था। 
  • लिथियम (Lithium),  कोबाल्ट (Cobalt) और अन्य खनिज संपत्तियों की पहचान करना और उनका अधिग्रहण करने करने के लिए खान मंत्रालय द्वारा खनिज विदेश इण्डिया लिमिटेड (काबिल-KABIL)  बनाया गया था।
  • हाल ही में कंपनियों को स्थानीय स्तर पर बैटरी सेल बनाने के लिए प्रोत्साहन में 2.4 बिलियन डॉलर की पेशकश की गई है।
  • भारत रणनीतिक खनिजों की खदानों की खोज के लिए अर्जेटीना, बोलीविया, चिली जैसे लैटिन अमेरिकी देशों को भी चुना है।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 21 मार्च, 2022 को दूसरा भारत-ऑस्ट्रेलिया वर्चुअल (आभासी) शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया।
  • इस शिखर सम्मेलन में दोनों देशों द्वारा वैश्विक निम्न कार्बन उत्सर्जन (low carbon Imissions) के लिए स्वच्‍छ प्रौद्योगिकियों (Clean Energy-technology) के तेजी से विकास और महत्वपूर्ण खनिजों तक समान पहुंच दृष्टिकोण पर चर्चा की गई।
  • 29 मार्च, 2022 को भारत के खनिज विदेश इण्डिया (काबिल) और ऑस्ट्रेलिया के क्रिटिकल मिनरल्स फैसिलिटेशन ऑफिस (Critical Minirals Facilitation Office: CMFO)  के बीच समझौता-ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए।
  • यह समझौता-ज्ञापन ऑस्ट्रेलिया में लिथियम और कोबाल्ट पहचान परियोजनाओं पर सहयोग के लिए किया गया है।

प्रमुख बिंदु

  • भारत द्वारा अगले 6 महीनों में ऑस्ट्रेलिया में लिथियम और कोबाल्ट का पता लगाने के लिए संयुक्त रूप से 6 मिलियन डॉलर के निवेश के लिए प्रतिबद्धता की है।
  • दोनों देशों द्वारा 50:50 के अनुपात में ड्‍यू डिलिजेंस प्रक्रिया (Due-Diligence-Process) के आधार पर फण्ड (निधि) में योगदान किया जाएगा।
  • KABIL और CMFO लिथियम और कोबाल्ट खनिज संपत्तियों की पहचान करने के लिए ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड परियोजनाओं पर संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।
  • समझौता-ज्ञापन में संपत्ति अधिग्रहण (Property Acquisition) प्रक्रिया में किसी अन्य केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (Industry)  को निवेश भागीदारी के रूप में अनुमति देने का प्रावधान है।

काबिल (KABIL)

  • अगस्त, 2019 में भारतीय खनन मंत्रालय द्वारा खनिज इण्डिया लिमिटेड (Khanij Bidesh India Ltd: KABIL)  की स्थापना की गई थी।
  • इसे नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (नाल्को), हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) और मिनरल एक्सप्‍लोरेशन कंपनी लिमिटेड की भागीदारी में एक संयुक्त उद्यम कंपनी (Joint venture) के रूप में स्थापित किया गया है।
  • इसका उद्देश्य भारतीय घरेलू बाजार में महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

  • लिथियम का सर्वाधिक भण्डार रिजर्व चिली (Chile)  के पास है, जो ज्ञात वैश्विक भण्डार का 48.5 प्रतिशत है। दूसरा स्थान ऑस्ट्रेलिया का है।

भण्डार क्रम -चिली >ऑस्ट्रेलिया >अर्जेंटीना> चीन
लिथियम उत्पादन की दृष्टि से सर्वाधिक उत्पादन (2021) में ऑस्ट्रेलिया अग्रणी है। 
उत्पादन क्रम
ऑस्ट्रेलिया>चिली>चीन>अर्जेंटीना
कोबाल्ट
कोबाल्ट के कुल भण्डार रिजर्व व उत्पादन दोनों श्रेणी में वैश्विक स्तर पर ‘कांगो गणराज्य’ प्रथम स्थान पर है।

भारत में लिथियम परिदृश्य

  • हाल ही में परमाणु खनिज निदेशालय (Atomic Minirals Directorate) द्वारा सर्वेक्षण में दक्षिणी कर्नाटक के माण्ड्‍या जिले में लिथियम का बड़ा भण्डार होने का अनुमान लगाया है।
  • राजस्थान, बिहार और आंध्र प्रदेश में भी संभावित भण्डार होने का अनुमान है।

उपयोग

  • कवच प्‍लेट बनाने के लिए मैग्‍नीशियम (Magnesium) के साथ।

संबंधित सरकारी पहल

  • फास्टर एडॉप्‍शन मैन्‍युफैक्‍चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक (FAME) II  योजना के तहत, विद्युत वाहन के उत्पादन के क्रम में बैटरी उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
  • खनिज विदेश इण्डिया लिमिटेड (काबिल) विदेशों में लिथियम और कोबाल्ट जैसी रणनीतिक खनिज संपत्ति हासिल करने के लिए भागीदारी कर रही है।
  • 12 मई, 2021 को 50 की विनिर्माण क्षमता प्राप्त करने के लिए उत्पादन लिंक्ड इंसेंटिव (Production linked incentive) योजना-‘नेशनल प्रोग्राम ऑन एडवांस केमिस्ट्री सेल बैटरी स्टोरेज’ के कार्यान्वयन के लिए भारी उद्योग विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। 

संकलन-पंकज तिवारी
 


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