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Post at: Apr 04 2022

बाल विकास एवं शिक्षण विधि अध्ययन सामग्री एवं परीक्षा-प्रश्न 2022(भूल-सुधार)

  • बाल विकास एवं शिक्षण विधि अध्ययन सामग्री एवं परीक्षा-प्रश्न 2022  के पेज संख्या 270 पर प्रश्न संख्या 39 में भारतीय पुनर्वास परिषद की स्थापना 1886 ई. की जगह 1986 पढा जाय तथा संवैधानिक की जगह सांविधिक पढ़ा जाय।

  • बाल विकास एवं शिक्षण विधि अध्ययन सामग्री एवं परीक्षा-प्रश्न 2022  के पेज संख्या 265 पर दिव्यागजनों की शिक्षा तथा सशत्तीकरण हेतु संस्थाएं हैडिग के बॉक्स मैटर में भारतीय पुनर्वास परिषद की स्थापना 1886 की जगह 1986 पढ़ा जाय तथा संवैधानिक की जगह सांविधिक पढ़ा जाय।

  • बाल विकास एवं शिक्षण विधि अध्ययन सामग्री एवं परीक्षा-प्रश्न के पेज संख्या 25 पर हेडिंग भारतीय विश्वविद्यालय आयोग (1904) के जगह भारतीय विश्वविद्यालय आयोग(1902) पढ़ा जाय।
  • बाल विकास एवं शिक्षण विधि अध्ययन सामग्री एवं परीक्षा-प्रश्न  के पेज संख्या 26 में ब्रिटिश काल में शिक्षा विकास पर गठित आयोग/समितियां के चित्र में भारतीय विश्वविघालय आयोग (1904) के जगह भारतीय विश्वविद्यालय आयोग(1902) पढ़ा जाय।
  •  बाल विकास एवं शिक्षण विधि, 2022 में पेज संख्या 172 पर प्रश्न संख्या 22 का उत्तर विकल्‍प (c) के स्थान पर (b) पढ़ें + संशोधित व्याख्या इस  प्रकार है-‘‘स्वनिम     रुपिमशब्द (पद) पदबंध उपवाक्‍य वाक्‍य प्रोक्ति’’ भाषा व्यवस्था के विभिन्‍न स्तर (क्रमश : बढ़ते क्रम में) हैं, जिसमें स्वनिम ‘बोली जाने वाली भाषा’ की लघुतम इकाई है। ‘स्वनिम’ अर्थहीन, किंतु अर्थभेदक होते हैं, जिनके लिए ध्वनिग्राम, स्वनग्राम आदि शब्द भी प्रयुक्त होते हैं। ‘रूपिम’ से लेकर ‘प्रोक्ति’ तक के सभी भाषिक स्तरों पर अर्थ पाया जाता है, अत: भाषा में अर्थ की सबसे छोटी इकाई ‘रूपिम’ है।

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