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Post at: Apr 02 2022

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा सुरक्षित गर्भपात के लिए नए दिशा-निर्देश

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  •  9 मार्च‚ 2022 में ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ (WHO) ने महिलाओं एवं लड़कियों के स्वास्थ्य की देखभाल सुनिश्चित किए जाने के इरादे से गर्भपात देखभाल के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 
  • WHO ने कहा है‚ कि इन दिशा-निर्देशों की मदद से विश्वभर में प्रतिवर्ष असुरक्षित गर्भपात के 2.5 करोड़ मामलों की रोकथाम की जा सकेगी।

उद्देश्य 

  • यह सुनिश्चित करना कि गर्भवती महिलाओं को गर्भपात से संबंधित देखभाल के सभी चरणों (गर्भपात से पहले‚ गर्भपात के दौरान और गर्भपात के बाद देखभाल) में स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हों।  
  • इसके अंतर्गत स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं यह सुनिश्चित करेंगी कि सेवा वितरण‚ समान रूप से और बिना किसी भेदभाव के गर्भपात कराने वाली महिलाओं की जरूरतों को पूरा करे।

WHO द्वारा जारी मुख्य दिशा-निर्देश

गर्भपात के बारे में

(i) पूरे विश्व में लगभग 45 प्रतिशत गर्भपात असुरक्षित तरीकों से कराए जाते हैं। 

  •  इनमें 97 प्रतिशत असुरक्षित गर्भपात विकासशील देशों में कराए जाते हैं।

(ii) असुरक्षित गर्भपात कई लड़कियों‚ महिलाओं और माताओं की मृत्यु तथा बीमार पड़ने का एक प्रमुख कारण है। हालांकि‚ यह रोका जा सकता है।
(iii) असुरक्षित गर्भपात निम्न के लिए उत्तरदायी हो सकता है-
 

(a)    यह महिलाओं में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य जटिलताओं को जन्म दे सकता है। 
(b)    यह महिलाओं‚ समुदायों और स्वास्थ्य प्रणालियों के लिए सामाजिक एवं वित्तीय बोझ का कारण बन सकता है। 

(iv) सुरक्षित‚ समय पर‚ कम लागत में और सम्मानजनक तरीके से गर्भपात देखभाल तक पहुंच का अभाव लोक- स्वास्थ्य से जुड़ी एक महत्वपूर्ण चिंता और मानवाधिकार का मुद्दा है। 

असुरक्षित गर्भपात के संबंध में भारत की पहलें

(i)    गर्भ का चिकित्सकीय समापन (संशोधन) अधिनियम‚ 2021

  • यह कानून सभी महिलाओं को व्यापक गर्भपात देखभाल सुविधा प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाता है।

(ii)    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत RMNCH+A यानी प्रजनन‚ मातृ‚ नवजात‚ बाल और किशोर स्वास्थ्य (Reproductive, Maternal, New & Born, Child and Adolescent Health) कार्यक्रम।

  • यह व्यापक गर्भपात देखभाल सेवाएं प्रदान करता है।

(iii) सभी राज्यों को ‘‘व्यापक गर्भपात देखभाल सेवाएं’’ (Comprehensive Abortion Care Services : (CACS) और ‘‘गर्भपात की चिकित्सा पद्धतियों’’ (Medical Methods of Abortions : MMA) पर दिशा-निर्देश प्रदान किए गए हैं। 
(iv)    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) का संचालन किया जा रहा है। 
 

संकलन-शिशिर अशोक सिंह


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