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नवाचार उपलब्धियों पर संस्थानों की अटल रैंकिंग (ARIIA), 2021

परिचय

  • उच्‍च शिक्षा का एक महत्वपूर्ण आधार नवाचार होता है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2018 से मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब शिक्षा मंत्रालय), भारत सरकार ने नवाचार उपलब्धियों पर संस्थानों की अटल रैंकिंग (Atal Ranking of Institutions on Innovation Achievements: ARIIA) की शुरुआत की। यह नवाचार से संबंधित संकेतकों पर शिक्षा संस्थानों और विश्वविद्यालयों को व्यवस्थित रैंकिंग प्रदान करने की एक पहल है। साथ ही ARIIA उन सभी संकेतकों पर विचार करता है, जो आमतौर पर विश्व में सबसे नवीन शिक्षा संस्थानों/विश्वविद्यालयों को रैंक करने हेतु विश्व स्तर पर उपयोग किए जाते हैं।

रैंकिंग को जारी करने का उद्देश्य

  • उच्‍च शिक्षण संस्थानों (HEIs) के परिसर एवं भू-भाग में एक मजबूत स्टार्टअप पारिस्थितिकीय-तंत्र को सुव्यवस्थित और स्थापित करने के लिए उच्‍च शिक्षण संस्थानों के लिए दिशा निर्धारित करना।
  • निविष्ट (Input), प्रक्रिया, परिणाम (Outcome) आधारित मापदण्डों के आधार पर नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकीय-तंत्र को मापना।
  • संस्थान में उपलब्ध स्टार्टअप पारिस्थितिकीय-तंत्र के गुणवत्ता और मात्रात्मक दोनों पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना।
  • समाज और बाजार में इन नवाचारों और उच्‍च शिक्षण संस्थानों से स्टार्टअप द्वारा बनाए गए प्रभाव को भी मापना।
  • 5 वर्ष की समयावधि में ग्‍लोबल इनोवेशन इण्डेक्स में भारत के स्थान को 48वें (वर्ष 2020) से शीर्ष 30 तक ऊपर उठाने का लक्ष्य।
    • ध्यातव्य है, कि वर्ष 2021 वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत की रैंकिंग 46वीं थी।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 29 दिसंबर, 2021 को केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डाॅ. सुभाष सरकार द्वारा नवाचार उपलब्धियों पर संस्थानों की अटल रैंकिंग, 2021 जारी की गई।
  • वर्ष 2021 का संस्करण, रैंकिंग का तृतीय प्रकाशन है। ध्यातव्य है, कि प्रथम प्रकाशन वर्ष 2019 में किया गया था।

ARIIA, 2021 का वर्गीकरण 

  • वर्ष 2021 की रैंकिंग में HEIs को दो श्रेणियों यथा-तकनीकी HEI (Technical HEI) एवं गैर-तकनीकी HEI (Non, Technical HEI) में विभक्त किया गया है।
  • उपर्युक्त वर्गीकरण को भी सार्वजनिक वित्तपोषित संस्थान एवं निजी/स्वयं वित्तपोषित संस्थान के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
  • इस संस्करण में महिला शिक्षा पर विशेष HEI रैंकिंग भी जारी की गई है। 
  • ध्यातव्य है, कि वर्ष 2019 में जारी प्रथम रैंकिंग में जहां 496 संस्थान शामिल थे, वहीं वर्ष 2021 की ARIIA रैंकिंग में 1438 संस्थानों ने प्रतिभाग किया।

मापदण्ड एवं भारांक

  • रैंकिंग में तकनीकी HEI एवं गैर-तकनीकी HEI के लिए भिन्‍न-भिन्‍न भारांक हैं।
  • तकनीकी एवं गैर-तकनीकी उच्‍च शिक्षण संस्थानों हेतु मापदण्ड एवं भारांक निम्नलिखित हैं-

 

  • श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तकनीकी और गैर-तकनीकी HEI को ‘उत्कृष्ट’ (Outstanding) रैंक एवं संघ (Band) में रखा गया है।
  • जबकि अन्य शेष तकनीकी एवं गैर-तकनीकी संस्थानों में प्रत्येक श्रेणी को ‘उत्कृष्ट’ (Excellent), प्रदर्शक (Performer), आशाजनक (Promising) एवं प्रवर्तक (Beginner) के रूप में उनको प्रेरणा देने के लिए ARIIA रैंकिंग में शामिल किया गया है।

श्रेणीवार HEIs की रैंकिंग-
 

2-राज्य विश्वविद्यालय एवं डीम्ड विश्वविद्यालय (राजकीय एवं राज्य वित्तपोषित) तकनीकी :  शीर्ष 5

3.राजकीय महाविद्यालय/संस्थान (राजकीय एवं राज्य वित्तपोषित) तकनीकी : शीर्ष 5

4. विश्वविद्यालय एवं डीम्ड विश्वविद्यालय स्वयं वित्तपोषित/निजी (तकनीकी) श्रेणी में शीर्ष स्थान कलिंगा इंस्टीट्‍यूट ऑफ इंडस्ट्रीयल तकनीक, खोरदाह (ओडिशा) को मिला है।

  • जबकि इसी श्रेणी में चित्कारा विश्वविद्यालय, पंजाब द्वितीय स्थान पर है।

5. निजी महाविद्यालय/संस्थान (स्वयं वित्तपोषित/निजी) तकनीकी श्रेणी में जी.एच. रायसोनी अभियांत्रिकी महाविद्यालय,  महाराष्ट्र प्रथम एवं आर.एम. के. अभियांत्रिकी महाव़िद्यालय, तमिलनाडु द्वितीय स्थान पर है।

  • ध्यातव्य है, कि गैर-तकनीकी विश्वविद्यालयों को भी दो श्रेणियों में विभक्त किया गया है, जिनका विवरण निम्नवत है-

6.राष्ट्रीय महत्व के संस्थान, केंद्रीय विश्वविद्यालय एवं केंद्रीय वित्तपोषित (गैर-तकनीकी) शीर्ष दो संस्थानों में पहले स्थान पर  इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय है, जबकि दूसरे स्थान पर भारतीय प्रबंधन संस्थान, कोझीकोड है।
7.सामान्य गैर-तकनीकी श्रेणी के अंतर्गत भारतीय उद्यमशीलता विकास संस्थान, गुजरात शीर्ष पर है।

  • वहीं श्री नारायण काॅलेज, केरला द्वितीय एवं महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, केरला तृतीय स्थान पर है।

उत्तर प्रदेश की स्थिति

  • राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों/केंद्रीय विश्वविद्यालय की सूची में, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (चौथे) तथा मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्‍यूट आॅफ टेक्‍नोलॉजी (10वां) स्थान पर है।
  • स्वयं वित्तपोषित/निजी विश्वविद्यालय एवं डीम्ड विश्वविद्यालय की रैंकिंग में एमीटी (Amity) विश्वविद्यालय , नोएडा 9वें स्थान पर है।
  • निजी (स्वयं वित्तपोषित) महाव़िद्यालय तकनीकी वर्ग में के.आई.ई.टी. समूह संस्थान (KIET Group of Institutions) तृतीय स्थान पर हैं।

मूल्यांकन

  • इस प्रकार की रैंकिंग एवं कार्यक्रम देश में नवाचार, अनुसंधान एवं उद्यमिता के प्रति नए उत्साह का संचार करते हैं।
  • भारतीय प्रतिभाएं विश्व के दूसरे देशों में जाकर अपने योगदान से उस देश को लाभ पहुंचाती हैं। यदि उन्हें उचित प्‍लेटफाॅर्म अपने देश में ही प्रदान किया जाए, तो वे अपने देश के लिए अत्यंत लाभकारी होंगे।
  • इस प्रकार की प्रत्येक गतिविधि न सिर्फ भारत से प्रतिभा पलायन को सीमित करेगी, अपितु भारत के ‘विश्व गुरु’ बनने के सपने को भी साकार करेगी।

संकलन-मनीष प्रियदर्शी
 


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