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Post at: Nov 29 2021

वैश्विक मीथेन संकल्प

वर्तमान प्ररिप्रेक्ष्य

  • 31 अक्टूबर-12 नवंबर, 2021 के मध्य ग्‍लासगो में आयोजित जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्‍वेंशन (UNFCCC) के 26वें शिखर सम्मेलन (CoP-26) में वैश्विक मीथेन संकल्प की शुरुआत की गई।
  • इस संकल्प पर 100 से अधिक देशों द्वारा हस्ताक्षर किया जा चुका है।

वैश्विक मीथेन संकल्प

  • कोप-26 (CoP-26) में संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ के संयुक्त नेतृत्‍व में किया गया एक प्रयास है।
  • इसकी सर्वप्रथम घोषणा सितंबर, 2021 में की गई थी। उस समय केवल 9 देशों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
  • इस घोषणा के अंतर्गत वर्ष 2030 तक मीथेन उत्सर्जन को वर्ष 2020 के स्तर से 30 प्रतिशत तक कम करना है।
  • ध्यातव्य है कि भारत मीथेन का तीसरा सबसे बड़ा उत्सर्जक होने के बावजूद भी इस संकल्प का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है।

मीथेन उत्सर्जन काे कम करने की आवश्यकता क्यों ?

  • मीथेन एक शक्तिशाली ग्रीन हाउस गैस है, जो जलवायु परिवर्तन के लिए उत्तरदायी है।
    • यद्यपि मीथेन का वायुमंडलीय जीवनकाल बहुत कम होता है।
  • इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्‍लाइमेट चेंज की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व-औद्योगिक युग के बाद से वैश्विक औसत तापमान में 1.0 डिग्री सेल्सियस की शुद्ध वृद्धि में मीथेन का लगभग 50 प्रतिशत का योगदान है।
  • मीथेन को घटाने से वर्ष 2050 तक ग्‍लोबल वार्मिंग 0.2 डिग्री सेल्सियस कम हो सकती है, जिससे जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली चरण मौसमी घटनाओं की गंभीरता और आवृत्ति को कम किया जा सकता है। 
  • मीथेन प्राकृतिक गैस का एक प्राथमिक घटक है, इसका पूर्व-औद्योगिक युग के बाद से वातावरण में फैले सभी प्रकार की गर्मी में एक-चौथाई योगदान है।
  • वैश्विक ऊष्मन में मीथेन, कार्बनडाइआॅक्‍साइड के बाद दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है।
  • मीथेन, कार्बनडाइऑक्साइड की तुलना में वातावरण में गर्मी तेजी से फैलाती है।
  • वायुमण्डल में मीथेन का स्तर पिछले 200 वर्षों में 150 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि कार्बन डाइआॅक्साइड का स्तर 50 प्रतिशत ही बढ़ा है।

मीथेन के स्रोत

  • प्राकृतिक स्रोत :  लगभग 40  प्रतिशत

जैसे-आर्द्रभूमि और बायोमास

  • मानवजन्य स्रोत :  60 प्रतिशत

कृषि क्षेत्र (चावल के खेत), पशुधन लगभग 30 प्रतिशत लैण्डफिल में अपघटन तेल और प्राकृतिक गैस प्रणाली, कोयला खनन, अपशिष्ट जल उपचार एवं कुछ औद्योगिक प्रक्रियाएं।

संकलन-अशोक कुमार तिवारी


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