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जी-20 सम्मेलन,2021

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 30-31 अक्टूबर, 2021 को इटली की राजधानी रोम और राष्ट्राध्यक्षों के वार्षिक शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया।
  • इस सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों के अतिरिक्त आर्थिक एवं वित्त से जुड़े मंत्री तथा विश्व के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय संगठन के मुखिया भी शामिल हुए।
  • इस जी-20 सम्मेलन’2021 का विषय (Theme) ‘महामारी की तैयारी’ (Preparing for Pandemics) रहा।
  • इस सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों की कार्यकारी बैठकें शहर के यूरो जिले में रोम कन्वेंशन सेंटर ‘ला नुवोल (La Nuvola) में आयोजित की गई।
  • यह सम्मेलन जी-20 में इटली द्वारा पूरे वर्ष की अध्यक्षता के दौरान मंत्रियों की बैठकों, शेरपा बैठकों, कार्य समूहों और अन्य समूहों के माध्यम से किए गए गहन कार्यों की परिणति है।
  • इटली की अध्यक्षता में जी-20 की विभिन्‍न गतिविधियां एवं कार्रवाइयां तीन परस्पर जुड़े स्तंभों पर आधारित रही हैं- लोग, ग्रह और समृद्धि (People, Planet and Prosperity), जो रोम शिखर सम्मेलन के विषयगत दिशा-निर्देशों का भी प्रतिनिधित्व करते हैं।

इस जी-20 सम्मेलन का तीन महत्वपूर्ण एजेंडा रहा-

  • वैश्विक अर्थव्यवस्था एवं वैश्विक स्वास्थ्य
  • जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण
  • सतत विकास

सम्मेलन के महत्वपूर्ण निष्कर्ष

  • पहली बार रोम में आयोजित यह दो दिवसीय सम्मेलन वर्षभर चले विभिन्‍न जी-20 समूहों के द्वारा संपन्‍न वार्ता के निष्कर्ष के तौर पर रोम घोषणा-पत्र की स्वीकृति के साथ संपन्‍न हुआ।

रोम घोषणा-पत्र के महत्वपूर्ण बिंदु-
जलवायु एवं ऊर्जा

  • जी-20 देशों ने संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन (यूएनएफसीसीसी) और पेरिस समझौते के पूर्ण और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
  • वैश्विक ऊष्मन (Global Warming) को पहंुच के भीतर रखने हेतु पूर्व-औद्योगिक स्तर की तुलना में 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने का लक्ष्य।
  • सदी के मध्य तक या उसके आस-पास वैश्विक शुद्ध शून्य (Net Zero) ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन या कार्बन तटस्थता प्राप्त करने की दिशा में तेजी लाना।
  • वर्ष 2020-2025 तक के लिए प्रतिवर्ष संयुक्त रूप से 100 बिलियन डॉलर जुटाने के लिए विकसित देशों की जलवायु वित्त प्रतिबद्धता की पुष्टि।
  • जी-20 नेताओं ने इस दशक में आगे की कार्रवाई करने और अपने वर्ष 2030 तक राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) को तैयार करने, लागू करने, अद्यतन करने और जहां आवश्यक हो, बढ़ाने के लिए भी प्रतिबद्ध किया।
  • जी-20 नेताओं ने अपनी वर्ष 2009 की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जिसके तहत बेकार जीवाश्म ईंधन सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना एवं युक्तिसंगत बनाना शामिल है।
  • रोम घोषणा-पत्र में वर्ष 2021 के अंत तक विदेशों में नई निर्बाध कोयला बिजली उत्पादन के लिए अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक वित्त को रोकने हेतु प्रतिबद्धता व्यक्त की।
  • जी-20 नेताओं ने ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने और सुभेद्य घरों एवं व्यवसायों हेतु ऊर्जा की वह नियमित आपूर्ति बनाए रखने योग्य ऊर्जा प्रणाली संक्रमण की गारंटी देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर बल दिया।

आर्थिक पुन: प्राप्ति (Economic Recovery)

  • टीकों की निरंतरता एवं निरंतर नीतिगत प्रयास के कारण, वैश्विक अर्थव्यवस्था वर्ष 2021 में बेहतर स्थिति मे आ गई है। हालांकि देशों के मध्य इस सुधार में पर्याप्त विविधता है।
  • रोम घोषणा-पत्र में वैश्विक आर्थिक चुनौतियों जैसे आपूर्ति श्रृंखलाओं (Supply Chain) में व्यवधान को कम करने की प्रतिबद्धता भी देखी जा सकती है।

कोविड-19

  • कम और मध्यम आय वाले देशों में टीकाकरण अंतराल को कम करने हेतु जी-20 नेताओं ने टीका तथा संबंधित चिकित्सकीय प्रावधान के पहंुच की प्रतिबद्धता दोहराई है।
  • इससे विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अनुशंसित, वर्ष 2021 तक विश्व की 40 प्रतिशत आबादी एवं वर्ष 2022 के मध्य तक 70 प्रतिशत आबादी के टीकाकरण लक्ष्य की प्राप्ति संभव होगी।
  • रोम घोषणा-पत्र में कहा गया है कि दुनिया भर में तेजी से और न्यायसंगत वैक्सीन वितरण सुनिश्चित करने में आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना, विनिर्माण क्षमता का विस्तार स्वीकृति और विश्वास को बढ़ावा देना और गलत सूचना (Fake News) से लड़ना शामिल है। 
  • जी-20 नेताओं ने ‘‘सामूहिक कार्रवाई के लिए परिधि’’ (Compass for Collective Action) के रूप में मई में वैश्विक स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन में अपनाई गई रोम घोषणा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की।

महामारी की रोकथाम, तैयारी और प्रतिक्रिया (Pandemic, Prevention, Preparedness & Response :PPR)

  • महामारी पीपीआर (PPR) के लिए पर्याप्त, टिकाऊ और बेहतर समन्वित वित्तपोषण प्रदान करने के उद्देश्य से जी-20 नेताओं ने जी-20 संयुक्त वित्त स्वास्थ्य कार्यबल (Joint Finance-Health Task Force) की स्थापना की।
  • वर्ष 2022 की शुरुआत तक टास्क फोर्स महामारी पीपीआर के लिए वैश्विक वित्तपोषण को बढ़ाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा समन्‍वित होने के लिए एक वित्तीय सुविधा स्थापित करने की व्यवस्था करेगा।
  • रोम घोषणा-पत्र में ‘महामारी पर अंतरराष्ट्रीय संधि’ (International Treaty on Pandemics) के महत्व पर भी चर्चा शामिल है।

जैव-विविधता एवं पर्यावरण

  • जी-20 नेताओं ने वर्ष 2030 तक जैव-विविधता के नुकसान को रोकने और उलटने के लिए कार्रवाई को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की।
  • जी-20 समूह यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा कि वर्ष 2030 तक वैश्विक भूमि का कम-से-कम 30 प्रतिशत और वैश्विक समुद्र का कम-से-कम 30 प्रतिशत संरक्षित एवं सुरक्षित रहे ।
  • जी-20 समूह ने अन्य देशों से आग्रह किया है कि वर्ष 2030 तक 1 ट्रिलियन वृक्ष लगाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य में जी-20 समूह के साथ जुड़ें।

सतत विकास

  • जी-20 देशों ने कोविड-19 से प्रभावित सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कार्यों में तेजी लाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
  • जी-20 नेताओं ने वर्ष 2030 एजेंडा पर G-20 कार्य योजना और विकासशील देशों में कोविड-19 प्रतिक्रिया और पुनर्प्राप्ति के लिए जी-20 समर्थन को लागू करने के लिए अपने कार्यों को मजबूत करने का संकल्प लिया।
  • उन्होंने कई पहलों के माध्यम से अफ्रीकी देशों के लिए अपने निरंतर समर्थन की भी पुष्टि की, जैसे की अफ्रीका के साथ जी-20 कॉम्पैक्ट।
  • जी-20 ने विशेष आहरण अधिकार (Special Drawing Rights-SDR) के नए सामान्य आवंटन का स्वागत किया,जिसने वैश्विक स्तर पर अतिरिक्त भण्डार में 650 अरब डॉलर का अतिरिक्त रिजर्व उपलब्ध कराया।
  • जी-20 ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से एक नया लचीलापन और स्थिरता ट्रस्ट (Resilience and Sustainability Trust-RST) स्थापित करने का आह्वान किया; ताकि अफ्रीकी महाद्वीप, छोटे द्वीप, विकासशील राज्यों और कमजोर मध्य सहित कम आय वाले देशों के लिए सस्ती दीर्घकालिक वित्तपोषण प्रदान किया जा सके। 
  • जी-20 ने डेट सर्विस सस्पेंशन इनिशिएटिव (DSSI) के तहत, हासिल की गई प्रगति का स्वागत किया।
  • अनुमान है कि मई, 2020 और दिसंबर, 2021 के बीच कुल ऋण सेवा के कम-से-कम 12.7 बिलियन डॉलर को स्थगित करने में सक्षम है, जिससे 50 देशों को लाभ हुआ है।

कर (Taxation)

  • वर्ष 2023 तक जी-20 समूह ने 15 प्रतिशत वैश्विक न्यूनतम कॉर्पोरेट कर सहित अधिक स्थिर और निष्पक्ष अंतरराष्टीय कर प्रणाली के लिए नए नियमों को लागू करने पर सहमति व्यक्त की।

संकलन-मनीष प्रियदर्शी


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