Contact Us - 0532-246-5524,25 | 9335140296
Email - ssgcpl@gmail.com
|
|

Post at: Oct 13 2021

स्वच्‍छ भारत मिशन-शहरी 2.0

पृष्ठभूमि

  • 15 अगस्त, 2014 को स्वच्‍छ भारत मिशन (Swacch Bharat Mission : SBM) के शुभारंभ की घोषणा माननीय प्रधानमंत्री द्वारा की गई थी।
  • इस अभियान का औपचारिक रूप से शुभारंभ 2 अक्टूबर, 2014 को किया गया था।
  • इस मिशन के दो उपघटक हैं-

(1) स्वच्‍छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G)
(2) स्वच्‍छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U)

  • एसबीएम-यू के उद्देश्यों में शहरों में खुले में शौच का उन्मूलन ;  कस्बों में नगरपालिका ठोस अपशिष्ट का 100 प्रतिशत वैज्ञानिक प्रबंधन ;  जन आंदोलन के माध्यम से लोक व्यवहार में परिवर्तन लाना शामिल है।
  • इस अभियान ने शहरी भारत में स्वच्‍छता सुविधाओं तक 100 प्रतिशत पहंुच प्रदान करके, शहरी भारत में स्वच्‍छता के मामले में क्रांति ला दी है, जिसके चलते 70 लाख से अधिक घरों, सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया गया है।
  • 3300+  शहरों में 65, 000 से अधिक सार्वजनिक शौचालयों की जियो टैगिंग की गई।
  • शहरी भारत को वर्ष 2019 में खुले में शौच से मुक्त (ODF) घोषित किया गया था।
  • अभियान के लगभग्‍ा पांच वर्ष बाद 3000 से अधिक शहरों को आेडीएफ + और 950 से अधिक शहरों को ओडीएफ ++ के तौर पर प्रमाणित किया गया है।

  • वर्तमान में भारत में अपशिष्ट प्रसंस्करण, 2014 के 18 प्रतिशत से लगभग चार गुना बढ़कर 70 प्रतिशत हो गया है।
  • विश्व के सबसे बड़े शहरी स्वच्‍छता सर्वेक्षण का शुभारंभ वर्ष 2016 में एसबीएम-शहरी के अंतर्गत किया गया था।
  • जिसके तहत 4000 से अधिक शहरी स्थानीय निकायों को कवर किया गया था।
  • स्वच्‍छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से अर्जित परिणामों को बनाए रखने और शहरी भारत को ‘स्वच्‍छता’ के अगले स्तर पर ले जाने हेतु एसबीएम के द्वितीय चरण (SBM 2.0) को शुरू किया गया।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 1अक्टूबर, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्‍छ भारत मिशन-शहरी 2.0 और अटल कायाकल्‍प एवं शहरी परिवर्तन (अमृत) मिशन 2.0 का शुभारंभ किया।

एसबीएम -यू 2.0

  • अगले 5 वर्षों में रोजगार हेतु ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों में पलायन करने वाली अतिरिक्त आबादी की स्वच्‍छता सुविधाओं तक पूर्ण पहुंच को 3.5 लाख से अधिक व्यक्तिगत, सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण के माध्यम से की जाएगी
  • इस अभियान के तहत सभी सांविधिक (Statutory) शहर कम-से-कम ओडीएफ + एवं एक लाख व इससे अधिक आबादी वाले सभी शहर ओडीएफ ++ बनाए जाएंगे।
  • इसके साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management :SWM) के संबंध में सभी शहर कम-से-कम तीन स्टार कचरा मुक्त प्रमाण-पत्र हासिल करेंगे।
  • एसबीएम-यू 2.0 हेतु 1,41,600 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय को निर्धारित किया गया है।
  • इस परिव्यय में वर्ष 2021-22 से 2025-26 की अवधि हेतु 36,465 करोड़ रुपये की केंद्रीय भागीदारी शामिल है।
  • एसबीएम-यू 2.0 हेतु निर्धारित परिव्यय पिछले चरण में 62,009 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय से 2.5 गुना अधिक है।

​​​​​​​संकलन- आदित्य भारद्वाज


Comments
List view
Grid view

Current News List