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भारत-संयुक्त अरब अमीरात व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA)

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 23 सितंबर, 2021 को भारत एवं संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दिल्‍ली में औपचारिक रूप से भारत-यूएई व्यापक आर्थिक सहयोग तथा भागीदारी समझौते (CEPA) पर वार्ता के पहले दौर की शुरुआत की।
  • पहले दौर की सीईपीए वार्ता 23-24 सितंबर, 2021 के मध्य संपन्‍न हुई।
  • भारत की तरफ से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा यूएई की तरफ  से विदेश व्यापार राज्य मंत्री डाॅ. थानी बिन अल जायौदी ने इस वार्ता का प्रतिनिधित्व किया।
  • ध्यातव्य है कि भारत जापान एवं दक्षिण कोरिया के साथ व्यापक आर्थिक समझौते पर पहले ही हस्ताक्षर कर चुका है।

व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता 

  • यह एक प्रकार का मुक्त व्यापार समझौता है,जिसमें सेवा, निवेश, व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी के अन्य क्षेत्र भी शामिल हैं।
  • यह व्यापार सुविधा, सीमा शुल्क सहयोग, प्रतिस्पर्धा तथा बौद्धिक संपदा अधिकार जैसे क्षेत्रों को भी संबोधित करता है।
  • इस समझौते के तहत नियामक पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।

पृष्ठभूमि

  • जनवरी, 2017 में दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को गति प्रदान करने के प्रयासों के तहत समग्र रणनीतिक साझेदारी के अतिरिक्त रक्षा, सुरक्षा व्यापार एवं ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में समझौते किए थे।
  • यह वार्ता उसी समझौते का विस्तारित चरण है।

प्रमुख बिंदु

  • दोनों पक्ष दिसंबर, 2021 तक वार्ता को निष्कर्ष पर पहुंचाने तथा आंतरिक कानूनी प्रक्रिया एवं मंजूरी के बाद मार्च, 2022 तक समझौते पर हस्ताक्षर करने की प्रतिबद्धता दर्शाई।
  • इस समझौते के हस्ताक्षर के 5 वर्ष के भीतर द्विपक्षीय व्यापार (माल) को 100 अरब डॉलर तक पहंुचाने का लक्ष्य रखा गया है। 
  • इसी संदर्भ में समझौते के 5 वर्ष के भीतर सेवाओं का व्यापार 15 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • इस समझौते के तहत भारत के कपड़ा रत्न, आभूषण, जूते, चमड़े के उत्पाद हस्तशिल्प जैसे वस्तुओं को यूएई में वरीयता मिलेगी।
  • जबकि संयुक्त अरब अमीरात को भारत में बुनियादी विकास एवं परिसंपत्ति विमुद्रीकरण जैसी बड़ी परियोजना में प्राथमिकता मिलेगी।
  • इसके अतिरिक्त यूएई पेट्रोकेमिकल उपकरणों आईसीटी   (ICT)उत्पाद, फेनटेक सहित उन्‍नत औद्योगिक उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
  • दोनों देश विश्व व्यापार की ओर से दिए गए नियम आधारित पारदर्शी, गैर-भेदभावपूर्ण खुले एवं समावेशी बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को मजबूत करने पर सहमत हुए।
  • दोनों देश 30 नवंबर- 3 दिसंबर, 2021 के मध्य होने वाले विश्व व्यापार संगठन के 12वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में संतुलित एवं समावेशी परिणाम की दिशा में काम करने पर सहमत हुए।
  • दोनों देशो ने कोविड-19 के दौरान परस्पर सहयोग के लिए एक दूसरे को धन्यवाद दिया।

भारत-यूएई संबंध
आर्थिक संबंध

  •  पिछले वर्षों में दोनों देशों के मध्य व्यापार एवं निवेश में बढ़ोत्तरी देखी गई है।
  • जून, 2020 में मुबाडाला (यूएई) ने भारतीय दूरसंचार प्रदाता जियो प्‍लेटफॉर्म्स में 1.2 बिलियन डॉलर का निवेश किया।
  • वर्ष 2019 में यूएई ने खाद्य उत्पादन एवं कृषि क्षेत्रों में 7 बिलियन डॉलर का निवेश किया था।
  • रिलायंस (भारत) ने अबू धाबी के तजीज औद्योगिक रसायन क्षेत्र में 2 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की है।
  • वर्ष 2019-2020 में यूएई द्विपक्षीय व्यापार में भारत का तीसरा सबसे बड़ा भागीदार रहा, जिसका मूल्य 59 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।
  • वर्ष 2019-20 में यूएई, भारत का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक गंतव्य था। यह निर्यात लगभग 29 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।
  • यूएई भारत में आठवां सबसे बड़ा निवेशक है, जिसने अप्रैल, 2000 से मार्च, 2021 के मध्य 11 बिलियन डॉलर का निवेश किया है।
  • वहीं इसी दौरान भारतीय कंपनियों ने यूएई में 85 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है।

प्रमुख निर्यातक सामग्री 

  • पेट्रोलियम उत्पाद कीमती धातुएं पत्थर, रत्न और आभूषण, खनिज ।

प्रमुख आयातक सामाग्री

  • पेट्रोलियम एवं पेट्रोलियम उत्पाद, कीमती धातुएं पत्थर , रत्न अाभूषण खनिज, रसायन लकड़ी एवं लकड़ी के उत्पाद।

भारत-यूएई आर्थिक संबंध (आर्थिक समीक्षा, 2020-21)

  • भारत के आयातक देशों में यूएई का तीसरा स्थान है।
  • भारत के निर्यातक देशों में भी यूएई का तीसरा स्थान है
  • 1 अक्टूबर, 2021 को दुबई में होने वाले वर्ल्ड एक्सपो में भाग लेगा।
  •  यह भागीदारी व्यापक रणनीतिक ढांचे के तहत दोनों देशों के बीच उत्कृष्ट व्यापार एवं आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगी।

समझौते का लक्ष्य

​​​​​​​

संकलन-अशोक कुमार तिवारी


 


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