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Post at: Oct 07 2021

विश्व सामाजिक सुरक्षा रिपोर्ट, 2020-22

वर्तमान परिप्रेक्ष्य 

  • 1 सितंबर, 2021 को अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने सामजिक सुरक्षा पर वर्ल्ड सोशल प्रोटेक्शन रिपोर्ट, 2020-22 जारी किया।
  • सोशल प्रोटेक्शन एट द क्रासरोड्स- इन परसूट ऑफ ए बेटर फ्यूचर’ (Social Protection at the Crass Roads - In Pursuit of a better future) इस रिपोर्ट का शीर्षक है।
  • आइएलओ की यह फ्‍लैगशिप रिपोर्ट सामाजिक सुरक्षा स्तरों सहित सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों में हाल के विकास का एक अवलोकन प्रदान करती है और साथ में कोविड-19 महामारी के प्रभाव को भी आच्‍छादित (Cover ) करती है ।

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष वैश्विक संदर्भ में

  • इस रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2020 तक विश्व की कुल आबादी के 46.9 प्रतिशत लोगों को कम-से-कम एक सामाजिक सुरक्षा प्राप्त थी।
  •  जबकि 47.1 प्रतिशत आबादी के पास कोई सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध नहीं थी।
  • सामाजिक सुरक्षा प्राप्त करने में क्षेत्रवार असंतुलन दिखाई देता है। यूरोप एवं मध्य एशिया में कम-से-कम सामाजिक सुरक्षा प्राप्त करने वालों की संख्या 83.9 प्रतिशत (सर्वाधिक) है।
  • जबकि अफ्रीकी क्षेत्र में कम-से-कम एक सामाजिक सुरक्षा प्राप्त करने वालों की संख्या 17.4 प्रतिशत है।

विश्व में कम-से-कम एक सामाजिक सुरक्षा प्राप्त करने वाले व्यक्तियों का क्षेत्रवार प्रतिशत

  •  यह रिपोर्ट सुरक्षा व्यय में भी असमानता का खुलासा करती है।
  • वैश्विक स्तर पर सामाजिक सुरक्षा पर कुल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 12.9 प्रतिशत खर्च होता है।
  • उच्‍च आय वाले देश सामाजिक सुरक्षा पर अपनी जीडीपी का 16.4 प्रतिशत खर्च करते हैं।
  • निम्न आय वाले देश सामाजिक सुरक्षा पर अपनी जीडीपी का केवल 1.1 प्रतिशत खर्च करते हैं।
  • वैश्विक स्तर पर सामाजिक सुरक्षा पर सार्वजनिक व्यय (जीडीपी के प्रतिशत के रूप में)

  • दुनिया में 66 प्रतिशत लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्राप्त है।
  • मात्र 28.9 प्रतिशत लोगों को सामाजिक सहायता प्राप्त है।
  • 33.5 प्रतिशत लोगों को अक्षमता (विकलांगता) लाभ प्राप्त है।

(विभिन्‍न वर्गों को प्राप्त सामाजिक सुरक्षा का प्रतिशत)
 

  • कोविड-19 की शुरुआत के बाद से सभी के लिए कम-से-कम न्यूनतम सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक अतिरिक्त खर्च में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
  • उपर्युक्त की प्राप्ति हेतु निम्न निवेश आवश्यक हैं-
  •  उच्‍च मध्यम आय वाले देशों को न्यूनतम सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुल जीडीपी के 3.1 प्रतिशत (750.8 बिलियन डॉलर) तक के अतिरिक्त निवेश आवश्यकता है। 
  • निम्न मध्यम आय वाले देशों को कुल जी.डी.पी. के 5.1 प्रतिशत (362.9 बिलियन डॉलर) तक के अतिरिक्त निवेश की आवश्यकता है।
  • निम्न आय वाले देशों को कुल जीडीपी के 15.9 प्रतिशत (77.9 बिलियन डॉलर) तक के अतिरिक्त निवेश आवश्यकता है।

एशिया एवं भारत के संदर्भ में

  • भारत बांग्लादेश एवं मंगोलिया ने मातृत्व सुरक्षा संबंधी योजनाओं का विस्तार किया है।
  • भारत ने रोजगार गारंटी योजना एवं आय रोजगार योजनाओं के माध्यम से रोजगार में वृद्धि का प्रयास किया है।
  • भारत सरकार गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले कुल लोगों में से 17.3 प्रतिशत लोगांे को गैर-अंशदायी (NON-CONTRIBUTURY) वृद्धावस्था पेंशन के (2017 के आंकड़ों के अनुसार) अंतर्गत शामिल किया है।
  • भारत ने वर्ष 2018 में बिहार राज्य में 0-21 वर्ष आयु की लड़कियों के लिए एक कार्यक्रम प्रारंभ किया था, जिसका उद्देश्य प्रणालीगत भेदभाव एवं लैंगिक भेदभाव को समाप्त करना था।
  •  भारत में वृद्धावस्था पेंशन कवरेज 

भारत में सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत शामिल लोगों का प्रतिशत (वर्ग आधारित)

आगे की राह

  • विश्व के कई देश वर्तमान समय में दोराहे पर खड़े है, अब समय आ गया है कि सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा की दिशा उच्‍चस्तरीय (HIGH ROAD)  रणनीति को आगे बढ़ाया जाए।
  • जिससे सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा एवं न्यायसंगत भविष्य का सपना पूर्ण हो सके।

    संकलन- अशोक कुमार तिवारी
 


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