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Post at: Oct 06 2021

पेटेंट (संशोधन) नियम, 2021

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • यह संधोधन 21 सितंबर, 2021 से लागू हो गया है।
  • आत्‍मनिर्भर भारत अभियान की दिश में एक और महत्‍वपूर्ण प्रयास के अंतर्गत पेटेंट दाखिल और अभियोजन के लिए 80 प्रतिशत कम शुल्‍क से संबंधित लाभों को शैक्षणिक संस्थानों तक भी बढ़ाया गया है। केंद्र ने इस संबंध में पेटेंट नियमों में संशोधन को अधिसूचित कर दिया है।

महत्‍वपूर्ण िबंदु

  • इस संबंध में और देश के नवाचार में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षण संस्थानों की अधिक भागीदारी को प्रोत्‍साहित करने के लिए, पेटेंट नियम, 2003 के तहत विभिन्‍न अधिनियमों के संबंध में उनके द्वारा देय आधिकारिक शुल्‍क को पेटेंट (संशोधन) नियम, 2021 के माध्यम से अब घटा दिया गया है।
  • इसके अलावा, प्राप्‍त आवेदनों के प्रसंस्करण में प्रक्रिया संबंधी विसंगतियों और अनावश्यक कदमों को दूर करने के उद्देश्य की प्राप्‍ति के लिए वर्ष 2016, 2017, 2019 और 2020 में पेटेंट नियमों में संशोधन किया गया है, जिससे अनुदान/पंजीकरण और अंतिम निपटान में तेजी आई है।
  • नियमों के संशोधन करके प्रक्रियाओं को अधिक चुस्त, समयबद्ध, उपयोगकर्ता के अनुकूल और ई-लेन-देन के लिए अनुकूल बनाया गया है। इस संबंध में विभाग द्वारा निम्नलिखित पहल की गई हैं:-
    • नए परीक्षकों की भर्ती करके जनशक्ति में वृद्धि।
    • पेटेंट आवेदन करने और देने की प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन करना।
    • त्‍वरित और संपर्क रहित कार्यवाही के लिए वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के माध्यम से पेटेंट मामलों की सुनवाई।
    • वेबसाइट को गतिशील ढंग से पुन: डिजाइन करना (डायनामिक रिडिजाइनिंग) और हितधारकों तक बिना किसी परेशानी के वास्तविक समय आधार पर आईपी सूचनाएं पहुंचाना।
    • पेटेंट आवेदन करने और देने के लिए डिजिटल प्रक्रिया को प्रोत्‍साहित करना।
  • स्टार्टअप्‍स को उनके आवेदन दाखिल करने और उनके प्रसंस्करण के लिए सुविधा प्रदान करने के लिए स्टार्टअप बौद्धिक संपदा संरक्षण (एसआईपीपी) की सुविधा के लिए योजना शुरू की गई है। ऐसे सुविधा प्रदाताओं (फैसिलिटेटरों) के व्यावसायिक शुल्‍कों की प्रतिपूर्ति एसआईपीपी योजना के प्रावधानों के अनुसार की जाती है।

लाभ

  • इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, पेटेंट की जांच के लगने वाला समय वर्ष 2015 के औसत 72 महीनों से घटकर वर्तमान में 12-30 महीने हो गया है और जो प्रौद्योगिकी क्षेत्रों पर भी निर्भर करता है।
  • इसके अलावा यह उम्मीद की जाती है कि पेटेंट आवेदनों के अंतिम निपटान का समय जिसमें अब तक कुछ वर्ष लगते थे, भी पहले से घटकर औसतन 48 महीने हो गया है। यह भी वर्ष 2021 के अंत तक आवेदन की प्राप्‍ति होने के बाद कम होकर औसतन 24-30 महीने रह जाएगा।

संकलन - मनीष प्रियदर्शी
 


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