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Post at: Oct 05 2021

चक्रवात गुलाब

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 26 सितंबर, 2021 को बंगाल की खाड़ी में उत्‍पन्‍न उष्णकटिबंधीय तूफान गुलाब भारत के पूर्वी तट से टकराया।
  • इसका लैंडफाल कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 20 किलोमीटर उत्तर दिशा में हुआ।
  • इस तूफान की औसत गति 75-80 किमी. प्रति घंटा थी, जो अधिकतम 95 किमी. प्रति घंटा अनुमानित रही।
  • भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इसे ‘चक्रवाती तूफान’ की श्रेणी में शामिल किया है।
  • इस तूफान का नामकरण (गुलाब) पाकिस्तान ने किया है, जो एक प्रकार का फूल है।
  • वर्ष 2021 में भारत में आने वाले तूफानों की श्रेणी में ‘गुलाब’ तीसरा तूफान है। अन्‍य दो तूफान हैं, यास एवं तौक्‍ते है।

  • आईएमडी (IMD) के अनुमान के तहत गुलाब चक्रवात के प्रभाव के फलस्वरूप अरब सागर में एक दूसरा चक्रवात उत्‍पन्‍न हो सकता है।
  • इस चक्रवात के गुजरात तट से टकराने का अनुमान है।
  • इस तूफान का नाम शाहीन होगा, जिसका नामकरण कतर द्वारा किया गया है।

तूफान का नामकरण

  •  विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) संयुक्त राष्ट्र की एशिया एवं प्रशांत आर्थिक और सामाजिक निकाय (UNESCAP) आदि चक्रवात के नाम का निर्धारण करते हैं।
  • उपर्युक्त के अलावा क्षेत्रीय विशिष्ट मौसम विज्ञान केंद्र (RSMC) एवं उष्णकटिबंधीय चक्रवात चेतावनी केंद्र भी नाम का निर्धारण करते हैं।
  • IMD विश्व के छ: (6) RSMC में से एक है जिस पर उत्तरी हिंद महासागर क्षेत्र में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के नाम निर्धारण का दायित्‍व है।
  • WMO और UNESCAP में भारत, म्यांमार, बांग्‍लादेश, श्रीलंका, थाईलैंड, पाकिस्तान और ओमान शामिल थे। वर्ष 2018 में इसमें ईरान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और यमन भी शामिल हो गए।
  • पिछले वर्ष IMD द्वारा 169 नए चक्रवात की सूची जारी की गर्ई थी, जिनका नाम बारी-बारी से उपर्युक्त 13 देशों द्वारा किया गया था।
  •  चक्रवात के नामकरण की आवश्यकता इसलिए है ताकि इनकी सही पहचान हो सके तथा इनके प्रति जागरूकता एवं चेतावनी सही समय पर जारी की जा सके। 

चक्रवात का वर्गीकरण

  • भारतीय मौसम विभाग (IMD) चक्रवातों का वर्गीकरण उनकी लैंडफाल के समय की अधिकतम गति के आधार पर करता है, जिसकी प्रमुख श्रेणियां हैं-

चक्रवात

  • मौसम विज्ञान के अनुसार, चक्रवात एक ऐसी वायुमंडलीय घटना है जिसमें एक निम्न वायुदाब के चारों ओर कई समतापीय रेखाओं का निर्माण होता है, जिससे निम्न वायु दाब क्षेत्र के चारों ओर की हवाएं तेजी से उपर उठती हैं। यदि यह घटना समुद्र या महासागर में हो, तो तेज हवाओं के साथ काफी वर्षा होती है।

चक्रवात के प्रकार

  1. बहिरुष्ण कटिबंधीय चक्रवात (शीतोष्ण चक्रवात)
  2. उष्णकटिबंधीय चक्रवात

1. बहिरुष्ण कटिबंधीय चक्रवात की विशेषता

  • मध्य एवं उच्‍च अक्षांशों में विकसित
  • ये ध्रुवीय वाताग्र के साथ निर्मित होते हैं
  • इसके निर्माण में एक उष्ण तथा एक शीत वाताग्र होता है।
  • इसमें कपासी मेघ का निर्माण होता है।

2. उष्णकटिबंधीय चक्रवात की विशेषता

  • ये आक्रामक तूफान हैं, जिसकी उत्‍पत्ति उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के महासागरों में होती है।
  • ये महासागर से तट की ओर गतिमान होते हैं।
  • ये चक्रवात आक्रामक पवनों के कारण विनाशकारी होते हैं।
  • हिंद महासागर में इन्‍हें चक्रवात, अटलांटिक महासागर में हरीकेन, दक्षिण चीन में टाइफून तथा पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में विली-विलीज के नाम से जाना जाता है।
  • उत्तरी गोलार्द्ध में इनकी गति घड़ी की सुई की दिशा के विपरीत अर्थात वामावर्त तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में दक्षिणावर्त होती है।

इनकी उत्‍पत्ति के लिए अनुकूल दशाएं

  • वृहत समुद्री सतह जहां तापमान 270 सेल्‍सियस से अधिक हो।
  • कोरिऑलिस बल का होना
  • ऊर्ध्वाधर पवनों की गति में अंतर कम होना
  • कमजोर निम्न दाब क्षेत्र या निम्न स्तर का चक्रवातीय परिसंचरण
  • समुद्री तल तंत्र पर ऊपरी अपसर

उष्णकटिबंधीय चक्रवात एवं शीतोष्ण चक्रवात में अंतर

अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी में चक्रवात की तुलना

  • पिछले 150-200 वर्षों में अरब सागर की तुलना में बंगाल की खाड़ी में चार गुना ज्‍यादा चक्रवात का निर्माण हुआ है।
  • बंगाल की खाड़ी में अधिक तूफान आने के कारण उसका अरब सागर की तुलना में ज्‍यादा भू-बद्ध (Land Loked) होना है।
  • बंगाल की खाड़ी को प्रशांत महासागर से भी कई टाइफून मिलते हैं, जो बंगाल की खाड़ी में आने से पूर्व कम दाब वाले होते हैं, परंतु यहां बेहतर दशा पाकर चक्रवात में बदल जाते हैं।
  • भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के अनुसार, अरब सागर का बढ़ता तापमान चक्रवतों की बारंबरता में वृद्धि करेगा, जैसे वर्ष 2019 में अरब सागर में 5 तथा बंगाल की खाड़ी में 3 चक्रवात आए।

भारतीय मौसम विभाग (IMD)

  • इसकी स्थापना 1877 ई में की गई थी।
  • IMD का मुख्यालय विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्य करता है।
  • यह मौसम पूर्वानुमान, चक्रवात चेतावनी, भूकंप विज्ञान, मौसम संबंधी अवलोकन के लिए जिम्मेदार प्रमुख एजेंसी है।

    संकलन - अशोक कुमार तिवारी
 


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