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Post at: Oct 04 2021

राष्ट्रीय प्रधानमंत्री पोषण योजना

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 29 सितंबर, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने योजना को मंजूरी प्रदान की। 
  • यह योजना वर्ष 2021-22 से वर्ष 2025-26 तक पांच वर्ष की अवधि तक के लिए लागू की जाएगी।
  • योजना का कुल व्यय 1,30,794,90 करोड़ रुपये होगा।
  • इस योजना के माध्यम से सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्‍त स्कूलों में पका हुआ गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
  • यह केंद्र प्रायोजित योजना कक्षा एक से लेकर आठवीं तक सभी स्कूली बच्‍चों को अाच्‍छादित करेगी।
  • इस योजना में देशभर के 11.20 लाख स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 11.80 करोड़ बच्‍चे लाभान्‍वित होंगे।
  • यह योजना पूर्व में चल रही ‘स्कूलों में मध्याह्न भोजन के लिए राष्ट्रीय योजना ‘जिसे मध्याह्न भोजन योजना के नाम से जाना जाता था’, का स्थान लेगी।

मुख्य बिंदु

  • इस योजना में केंद्र सरकार से 54,061,73 करोड़ रुपये और राज्‍य सरकारों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन से 31,733.17 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ वर्ष 2021-22 से वर्ष 2025-26 तक पांच वर्ष की अवधि के लिए कुल बजट 1,30,794.90 करोड़ रुपये होगा।
  • वर्ष 2020-21 के दौरान, भारत सरकार ने इस योजना में 24,400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया, जिसमें खाद्यान्‍न्‍ा पर लगभग 11,500 करोड़ रुपये की लागत शामिल है।
  • इस निर्णय की मुख्य विशेषताएं, जिससे योजना की दक्षता और प्रभावशीलता में निम्नानुसार सुधार होंगे-
  • इस योजना को प्राथमिक कक्षाओं के सभी 11.80 करोड़ बच्‍चों के अलावा, पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं अथवा बाल वाटिकाओं में पढ़ने वाले छात्रों तक विस्तारित करने का प्रस्ताव है।
  • तिथि भोजन की अवधारणा को व्यापक रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। तिथि भोजन एक सामुदायिक भागीदारी कार्यक्रम है, जिसमें लोग विशेष अवसरों/त्‍यौहारों पर बच्‍चों को विशेष भोजन प्रदान करते हैं।
  • सरकार बच्‍चों के प्रकृति और बागवानी के साथ प्रत्‍यक्ष अनुभव के लिए स्कूलों में स्कूल पोषण उद्यानों के विकास को बढ़ावा दे रही है। इन बगीचों की फसल का उपयोग मध्याह्न भोजन में अतिरिक्त सूक्ष्म पोषक तत्‍व प्रदान करने के लिए किया जाता है। 3 लाख से अधिक स्कूलों में स्कूल पोषण उद्यान पहले ही विकसित किए जा चुके हैं।
  • योजना का सोशल ऑडिट अनिवार्य कर दिया गया है।
  • आकांक्षी जिलों और उच्‍च रक्ताल्‍पता वाले जिलों में बच्‍चों के पूरक पोषाहार सामग्री उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रावधान किया गया है।
  • स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्रियों और सब्जियों के आधार पर विशिष्ट संस्कृति से जुड़े व्यंजनों और नवीन मेन्‍यू को बढ़ावा देने के लिए ग्राम स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सभी स्तरों पर पाक कला प्रतियोगिताओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • आत्‍मनिर्भर भारत के लिए वोकल फॉर लोकल : मध्याह्न योजना के कार्यान्‍वयन में किसान उत्‍पादक संगठनों (एफपीओ) और महिला स्वयं-सहायता समूहों की भागीदारी को प्रोत्‍साहित किया जाएगा। स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय रूप से उगाए जाने वाले पारंपरिक खाद्य पदार्थों के उपयोग को प्रोत्‍साहित किया जाएगा।
  • प्रख्यात विश्वविद्यालयों/संस्थानों के छात्रों और क्षेत्रीय शिक्षा संस्थानों (आरआईई) तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डीआईईटी) के प्रशिक्षु शिक्षकों के लिए प्रगति की निगरानी और निरीक्षण के लिए क्षेत्र का दौरा किया जाएगा।

संकलन - मनीष प्रियदर्शी


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