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Post at: Sep 29 2021

विद्यांजलि 2.0

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 7 सितंबर, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘शिक्षक पर्व’ के उद्‍घाटन समारोह को संबोधित करते हुए विद्यांजलि 2.0 पोर्टल का शुभारंभ किया।
  • ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के साथ सबका प्रयास की संकल्‍पना को जोड़ते हुए विद्यांजलि 2.0 योजना के माध्यम से जन सहयोग तथा योगदान द्वारा शिक्षार्थी सेवा तथा साधन सृजन (संपत्ति/ सामग्री/उपकरण) की परिकल्‍पना की गई है।

पृष्ठभमि

  • विद्यांजलि एक स्कूल स्वयंसेवी कार्यक्रम है, जिसकी शुरुआत 16 जून, 2016 को की गई, इसका उद्देश्य शिक्षा, स्वयंसेवकों को पठन-पाठन कार्यों से जोड़ना था। 
  • वहीं विद्यांजलि 2.0 का लक्ष्य शिक्षण तथा संरचना निर्माण में स्वयंसेवकों का योगदान प्राप्‍त करना है।
  • स्कूलों के विकास तथा आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने हेतु शिक्षा स्वयंसेवकों, दान दाताओं तथा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्‍व (CST) आदि को एक मंच प्रदान करने के लिए इस कार्यक्रम की संकल्‍पना की गई।
  • विद्यांजलि योजना उन अभिनव योजनाओं में से है जिनका उद्देश्य स्कूलों में स्वयंसेवी शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाकर साक्षरता में सुधार करना है। इस योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में की गई थी।

उद्देश्य

  • यह शिक्षा मंत्रालय द्वारा सामुदायिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी के माध्यम से देशभर के स्कूलों को मजबूत तथा सुविधासंपन्‍न बनाने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई एक पहल है।

भागीदार व्यक्ति/संस्था

  • भारतीय डायस्पोरा
  • युवा पेशेवर 
  • सेवानिवृत्त शिक्षक
  • पुरा-छात्र
  • निगमित सामाजिक दायित्‍व (CSR)
  • सरकारी अधिकारी

लाभ

  • ‘विद्यांजलि’ देश में व्याप्‍त छात्र-शिक्षक अनुपात, संसाधनगत अभाव को पूरा कर सकती है।
  • पेशेवर तथा अनुभवी मार्गदर्शन से छात्रों का सर्वांगीण तथा समुचित विकास संभव हो पाएगा। एक कुशल नेतृत्‍व शिक्षा की पौधशाला में भविष्य के कुशल नेतृत्‍व का निर्माण कर सकेंगे।
  • सरकार की समावेशी निकास के लक्ष्य को प्रोत्‍साहित किया जा सकेगा।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी अन्‍य पहलें 

संकलन - प्रवेश तिवारी
 


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