Contact Us - 0532-246-5524,25 | 9335140296
Email - ssgcpl@gmail.com
|
|

Post at: Sep 28 2021

सीसायुक्त पेट्रोल से वैश्विक मुक्ति

वर्तमान संदर्भ

  • 30 अगस्त, 2021 को 20 वर्ष तक चले लंबे अभियान के पश्चात संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने विश्व को सीसायुक्त पेट्रोल से मुक्त घोषित कर दिया।
  • जुलाई, 2021 में अल्‍जीरिया सीसायुक्त पेट्रोल की समाप्‍ति की घोषणा करने वाला अंतिम देश बना।

पृष्ठभूमि 

  • उल्‍लेखनीय है कि सीसायुक्त पेट्रोल के प्रयोग की शुरुआत वर्ष 1922 में हुई और वर्ष 1970 तक संपूर्ण विश्व सीसायुक्त पेट्रोल का प्रयोग कर रहा था। 1980 के दशक में कुछ विकसित देशों ने सीसायुक्त पेट्रोल के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया।
  • वर्ष 2002 में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने विश्वभर में विभिन्‍न देशों की सरकारों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं एवं सभी हितधारकों की भागीदारी के साथ विश्वभर में सीसायुक्त पेट्रोल के विरुद्ध ‘स्वच्‍छ ईंधन एवं वाहन’ (PCFV) अभियान चलाया।
  • जुलाई, 2021 में अल्‍जीरिया के सीसायुक्त पेट्रोल से मुक्त घोषित होने के साथ संपूर्ण विश्व सीसायुक्त (Tetraethyllead) पेट्रोल से मुक्त हो गया।
  • सीसायुक्त पेट्रोल मानव सहित संपूर्ण जीव जगत एवं पर्यावरण के लिए अत्‍यंत क्षतिकारक था। यह कैंसर, हृदयाघात तथा श्वास संबंधी बीमारियों का प्रमुख कारक था। यह बच्‍चों के मानसिक विकास में भी बाधक था।
  • सीसायुक्त पेट्रोल वैश्विक स्तर पर प्रतिवर्ष 1.2 मिलियन मौतों का कारक था।

उद्देश्य

  • सीसायुक्त पट्रोल पर्यावरण तथा स्वास्थ्य दोनों के लिए घातक था, ऐसे में विश्व समुदाय को इसके हानिकारक दुष्प्रभावों तथा दूरगामी नुकसानों से बचाने के लिए सीसायुक्त पेट्रोल को समाप्‍त करने का कदम उठाया गया।
  • मानव जाति एवं पर्यावरण को सीसे के घातक प्रभाव से सुरक्षित करना।

भविष्य की चिंताएं

  • Æ चंूकि वैश्विक स्तर पर परिवहन क्षेत्र ऊर्जा की खपत तथा ग्रीन हाउस उत्‍सर्जन के लगभग एक-चौथाई के लिए जिम्मेदार है, तथा वर्ष 2050 तक इसके बढ़कर एक-तिहाई तक हो  जाने का अनुमान है।
  • Æ IPCC ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कड़े प्रावधान न किए गए, तो वर्ष 2030 तक पृथ्वी के औसत तापमान में पूर्व-औद्योगिक युग की तुलना में 1.5 डिग्री सेल्‍सियस की वृद्धि संभव है।

लाभ

  • सीसायुक्त पेट्रोल से मुक्ति सतत् विकास लक्ष्यों- 

की प्राप्‍ति में सहायक होगा।
भारत के संदर्भ में

  • भारत जैसे विशाल आबादी (1.37 बिलियन) वाले देश में समय-पूर्व होने वाली मौतों तथा बीमारियों (0.6% & ग्‍लोबल बर्डन डिजीज) को रोका जा सकता है। 
  • भारत ने सीसा जनित प्रदूषण की रोकथाम हेतु ‘घरेलू तथा सजावटी (सीसा आधारित) पेंट विनियम, 2016’ को लागू किया है।

यू.एन.ई.पी. के विषय में

  • UNEP 5 जून, 1972 को स्थापित एक शीर्षस्थ वैश्विक पर्यावरण संस्था है।
  • इसका प्राथिमक कार्य पर्यावरण को सुरक्षा प्रदान करना तथा सतत् विकास को बढ़ावा देना है।

​​​​​​​

आगे की राह

  • हमारा लक्ष्य है ‘एक स्वच्‍छ एवं हरित भविष्य का निर्माण’। संपूर्ण विश्व को सीसायुक्त पेट्रोल से मुक्त करना एक बड़ी उपलब्धि है। यह इस बात का घोतक है कि यदि संपूर्ण विश्व एकीकृत होकर कार्य करे, तो मुश्किल-से-मुश्किल लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
  • अभी-भी हमें अभीष्ट लक्ष्य की प्राप्‍ति के लिए संगठित प्रयास करने की जरूरत है। पर्यावरण के समक्ष अभी भी अनेक चुनौतियां हैं, जिससे मुिक्त के लिए हमें जीवाश्म ईंधन के प्रयोग को क्रमिक रूप से  कम करना होगा। नवीकरणीय ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ावा, विद्युत वाहनों के प्रयोग को प्रोत्‍साहन, प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित प्रयोग (दोहन) एवं सघन वृक्षारोपण ऐसे कदम हैं, जो पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से अति महत्‍वपूर्ण हैं और हमारे अभीष्ट लक्ष्य की प्राप्‍ति में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।

           संकलन - प्रवेश तिवारी

 

 


Comments
List view
Grid view

Current News List