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Post at: Sep 28 2021

फोर्टिफाइड चावल

फोर्टिफिकेशन

  • Æ15 अगस्त, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2024 तक वितरित चावल के फोर्टिफाई /फोर्टिफाइड/फोर्टिफिकेशन की घोषणा की।
    • सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System:PDS), मिड-डे-मील (Mid-Day Meal) और आंगनवाड़ी योजना सहित विभिन्‍न सरकारी योजनाओं के तहत वितरित किया जाएगा।
    • कुपोषण महिलाओं और बच्‍चों के विकास में एक बड़ी बाधा है। 

फोर्टिफिकेशन

  • फूड फोर्टिफिकेशन चावल, दूध, नमक, आटा आदि खाद्य पदार्थों में लौह, आयोडीन, जिंक, विटामिन A एवं D जैसे प्रमुख खनिज पदार्थ एवं विटामिन जोड़ने अथवा वृद्धि करने की प्रक्रिया है। 
  • FSSAI के अनुसार, फोर्टिफिकेशन,“भोजन में आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों की सामग्री को जानबूझकर इस प्रकार बढ़ाना ताकि भोजन की पोषण गुणवत्ता में सुधार हो और स्वास्थ्य के लिए न्यूनतम जोखिम हो, जिससे जनता के स्वास्थ्य में सुधार हो और कुपोषण का बड़े पैमाने पर खात्मा हो सके।”
  • भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India : FSSAI) भारत में  खाद्य पदार्थों के लिए मानक निर्धारित करता है।

 फोर्टिफिकेशन के लाभ

  • यह चावल खाने के साथ-साथ दवा का काम भी कर सकता है।
  • इसमें पाए जाने वाले आयरन, जिंक, फोलिक एसिड, विटामिन-ए, विटामिन-बी1, विटामिन-बी12, आदि पोषणीय मूल्य बढ़ा देते हैं ।
  • इसका सेवन करने से महिलाओं और बच्‍चों का उचित विकास संभव है और कुपोषण की संभावना कम हो जाती है।
  • भारत में, 6-59 माह की उम्र वाले 58.5 प्रतिशत छोटे बच्‍चे, प्रजनन आयु वर्ग में 53 प्रतिशत महिलाएं और 15-49 वर्ष की आयु के सभी पुरुषों में से 22.7 प्रतिशत एनीमिया से पीड़ित है। (NFHS-2015-16)
  • बायो-फोर्टिफाइड फसलों में पारंपरिक किस्मों की तुलना में प्रोटीन, विटामिन, खनिज और अमीनो एसिड का 1.5 से 3 गुना अधिक उच्‍च्‍ा स्तर पाया जाता है।  
  • यह आबादी के एक बड़े हिस्से के स्वास्थ्य में एक साथ सुधार लाने का एक उत्कृष्ट तरीका है।
    • यह खाद्य के गुणों-स्वाद, तृप्ति या रूप में कोई परिवर्तन नहीं लाता।
    •  कोपेनहेगन सहमति (Copenhagen Consensus) का अनुमान है कि फूड फोर्टिफिकेशन पर व्यय किया गया प्रत्येक 1 रुपया अर्थव्यवस्था के लिए 9 रुपये का लाभ उत्पन्‍न करता है।   

1 किलोग्राम चावल में शामिल तत्व

  • ÆFSSAI के मानदंडों के अनुसार, 1 किलोग्राम फोर्टिफाइड चावल में 
    • आयरन (28mg-42.5mg),
    •  फोलिक एसिड (75-125 माइक्रोग्राम) और 
    • विटामिन B-12 (0.75-1.25 माइक्रोग्राम) होना चाहिए। 
    • इन तीनों की अच्छी मात्रा होने की वजह से इसकी पोषणीय मूल्य भी काफी ज्यादा होती है
    • इसके अलावा, चावल को सूक्ष्म पोषक तत्वों के साथ, एकल या संयोजन में, जिंक (10mg-15mg), विटामिन A (500-750 माइक्रोग्राम RE), विटामिन B1 (1mg-1.5mg), विटामिन B2 (1.25mg-1.75mg), विटामिन B3 (12.5mg-20mg) और विटामिन B6 (1.5mg-2.5mg) प्रति किलोग्राम के स्तर पर भी फोर्टिफाइड किया जा सकता है।

 

महत्व

  • सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत विभिन्‍न योजनाओं के माध्यम से 300 लाख टन से अधिक चावल वितरित करती है। 
  • केंद्र ने वर्ष 2021-22 के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत टीपीडीएस, एमडीएम और आईसीडीएस के लिए 328 लाख टन चावल आवंटित किया है।
  • ध्यातव्य है कि भारत विश्व में चावल का पांचवां सबसे बड़ा उत्‍पादक देश है।
  • इसके साथ ही चावल के कुल उपभोग में भारत विश्व में चीन के बाद दूसरे स्थान पर है।
    • भारत में चावल कि प्रति व्यक्ति खपत 6.8 किलोग्राम प्रति माह है।

इन राज्यों में शुरू हो चुका है ‘पायलट प्रोजेक्ट’

  • उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने वर्ष 2019-20 से शुरू होने वाले तीन वर्षों के लिए “चावल के फोर्टिफिकेशन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत इसका वितरण” पर एक केंद्र प्रायोजित पायलट योजना शुरू की थी। 
  • पायलट योजना देश के 15 राज्यों के 15 जिलों में शुरू की गई थी। 
    • आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, गुजरात, उत्तर प्रदेश, असम, तमिलनाडु, तेलंगाना, पंजाब, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश इसमें शामिल रहे।
  • इसका कुल बजट 174.64 करोड़ रुपये था। 
  • महाराष्ट्र और गुजरात ने फरवरी, 2020 एवं मध्य प्रदेश ने 6 जुलाई, 2021 से पायलट योजना में पीडीएस के तहत फोर्टिफाइड चावल का वितरण शुरू कर दिया है।

आगे की राह
कुपोषण की जटिल चुनौती से निपटने  के लिए विज्ञान का लाभ उठाना एक अच्छा हस्तक्षेप हो सकता है।
 

संकलन-आदित्य भारद्वाज
 


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