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एससीओ (SCO) का 21वां शिखर सम्मेलन

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 17 सितंबर, 2021 को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्रध्यक्षों की 21वीं बैठक हाइब्रिड प्रारूप (वास्तविक+आभासी) में संपन्‍न हुई।
  • यह बैठक दुशांबे (ताजिकिस्तान) में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान ने की।
  • 21वें शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्‍व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (आभासी) ने किया।
  • विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस बैठक में (दुशांबे में) भारत का प्रतिनिधित्‍व (भौतिक रूप से) किया।
  • यह चौथी शिखर बैठक है, जिसमें भारत पूर्णकालिक सदस्य के रूप में शामिल हुआ।
  • इस वर्ष एससीओ अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है।

शंघाई सहयोग संगठन (SCO)

  • शंघाई सहयोग संगठन एक यूरेशियाई आर्थिक राजनीतिक और सुरक्षा गठबंधन है। 
  • इसके निर्माण की घोषणा 15 जून, 2001 को शंघाई (चीन) में चीन, कजाख्स्तान, किर्गिजस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्‍बेकिस्तान द्वारा की गई थी।
  • एससीओ चार्टर, औपचारिक रूप से जून, 2002 में हस्ताक्षरित एवं 19 सितंबर, 2003 से लागू हुआ था।
  • मूल पांच सदस्य (चीन कजाख्स्तान, किर्गिजस्तान, रूस और ताजिकिस्तान) पहले शंघाई फाइव समूह के रूप में जाने जाते थे, जिसकी स्थापना 26 अप्रैल, 1996 को हुई थी।
  • जून, 2017 में अस्ताना (कजाख्स्तान) शिखर सम्मलेन में भारत एवं पाकिस्तान को पूर्ण सदस्य का दर्जा प्रदान किया गया।
  • ये दोनों (भारत एवं पाकिस्तान) देश वर्ष 2005 से पर्यवेक्षक सदस्य के रूप में सम्मेलन में भाग लेते थे।
  • ‘राज्‍य प्रमुखों की परिषद’ एससीओ में सर्वोच्‍च निर्णय लेने वाली संस्था है। यह वार्षिक आधार पर आयाेजित की जाती है।
  • क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना (RATS) एससीओ का आतंकवाद, अलगाववाद एवं उग्रवाद से निपटने वाला निकाय है।
  • एससीओ की अध्यक्षता सदस्य देशों द्वारा बारी-बारी से एक वर्ष के लिए की जाती है।
  • इसके 9 सदस्य (ईरान के शामिल होने के बाद), 3 पर्यवेक्षक राष्ट्र (अफगानिस्तान, बेलारूस एवं मंगोलिया) हैं।
  • संवाद भागीदार: आर्मेनिया, अजरबैजान, कंबोडिया, नेपाल, श्रीलंका, तुर्की, सऊदी अरब, मिस्र और कतर।
  • अतिथि : आसियान, राष्ट्रकुल, संयुक्त राष्ट्र एवं तुर्कमेनिस्तान।

महत्‍वपूर्ण बिंदु

  • इस शिखर सम्मेलन में सदस्य राष्ट्रों के अतिरिक्त पर्यवेक्षक एवं संवाद भागीदार (Dialogue Partners) राष्ट्रों ने भी भाग लिया। 
  • 3 संगठनों एवं एक देश ने सम्मेलन में अतिथि के रूप में भाग लिया।
  • इस शिखर बैठक में मुख्य रूप से अफगानिस्तान की वर्तमान परिस्थितियों और इसके वैश्विक नतीजों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • इस सम्मेलन में ईरान को पूर्ण सदस्य (पहले पर्यवेक्षक) का दर्जा प्रदान किया गया।
  • इसके साथ ही ईरान अब इस संगठन का 9वां पूर्ण सदस्य बन गया।
  • इसी सम्मेलन में सऊदी अरब, मिस्र और कतर को संवाद भागीदार (Dialogue Partners) के रूप में शामिल किया गया।
  • एससीओ का 22वां शिखर सम्मेलन समरकंद (उज्‍बेकिस्तान) में वर्ष 2022 में आयोजित किया जाएगा। 

भारतीय संदर्भ 

  • भारत द्वारा कट्टरपंथ और उग्रवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया।
  • भारत ने संयुक्त दृष्टिकोण के साथ संगठन के सभी सदस्यों को एक साथ आने का आह्वान किया।
  • आतंकवाद के वित्तपोषण तथा सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए एक आचार संहिता तैयार करने का आग्रह किया।
  • मध्य एशियाई क्षेत्र के एेतिहासिक महत्‍व को, उदार और प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्‍यों के गढ़ और सदियों से यहां पनपी सूफीवाद की परंपराओं के रूप में उजागर किया।
  • भारत ने मध्य एशिया में उदारवादी इस्लाम के महत्‍व पर जोर दिया।
  • अफगानिस्तान के आर्थिक एवं मानवीय संकट पर भारत द्वारा चिंता प्रकट की गई।
  • अफगानिस्तान में निकट भविष्य में ड्रग, अवैध हथियारों एवं मानव तस्करी का प्रवाह बढ़ सकता है, जिस पर भारत द्वारा गहरी चिंता व्यक्त की गई।
  • भारत ने सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान की वकालत की।
  • मध्य एशिया के साथ अपना संचार बढ़ाने की प्रतिबद्धता भारत द्वारा व्यक्त की गई है।
  • भारत ने एससीओ-आरएटीएस (SCO-RATS - Regional Anti Terronist Structure) के कार्यों की सराहना की।
  • एससीओ शिखर सम्मेलन के बाद एससीओ और रूस के नेतृत्‍व वाले सामाजिक सुरक्षा संधि संगठन (Collective Security Treaty Organisation) के बीच आउटरीच सत्र संपन्‍न हुआ। 
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से इस सत्र में भाग लिया।

 

संकलन - अशोक कुमार तिवारी 


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